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सफल इलाज के बाद à¤à¥€ लौट सकता है टीबी का रोग
टीबी का सफलतापूरà¥à¤µà¤• इलाज करने के बाद à¤à¥€ 10 फीसदी से अधिक मरीजों में टीबी की बीमारी दोबारा लौटने का खतरा रहता है। हाल ही में ‘रिवाइजà¥à¤¡ नेशनल टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ कंटà¥à¤°à¥‹à¤² पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤®â€™ (आरà¤à¤¨à¤Ÿà¥€à¤¸à¥€à¤ªà¥€) के तहत मरीजों पर हà¥à¤ अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ से यह खà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤¾ हà¥à¤† है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार के सेंटà¥à¤°à¤² टीबी डिविजन की ओर से कराठगठइस सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ को अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ जरà¥à¤¨à¤²à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤•ाशित किया गया है।
जिला कà¥à¤·à¤¯ रोग अधिकारी डॉ. लोकेश कà¥à¤®à¤¾à¤° गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾ ने बताया कि रिपोरà¥à¤Ÿ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• वरà¥à¤· 2015 में तमिलनाडà¥, करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤•, दिलà¥à¤²à¥€, महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°, मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ à¤à¤µà¤‚ केरल राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में 1565 टीबी मरीजों का चयन अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के लिठकिया गया। ये वे मरीज थे, जो आरà¤à¤¨à¤Ÿà¥€à¤¸à¥€à¤ªà¥€ में टीबी के इलाज के लिठरजिसà¥à¤Ÿà¤° हà¥à¤ थे।
इन मरीजों को आरà¤à¤¨à¤Ÿà¥€à¤¸à¥€à¤ªà¥€ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के तहत छह महीने तक पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तीन दिन दवा दी गई। इनमें से 1210 लोगों का सफलता से इलाज किया गया था। उन पर à¤à¤• साल तक निगरानी रखी गई और à¤à¤• बार फिर उनके सà¥à¤ªà¥à¤Ÿà¤® की जांच की गई। इसमें पाया गया कि 158 लोगों को फिर से टीबी हो गई है। उसका मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण मरीज के शरीर में मौजूद बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का दोबारा सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होना पाया गया। रिपोरà¥à¤Ÿ में डॉटà¥à¤¸ रिजीम पर सवाल उठाते हà¥à¤ इस पर दोबारा विचार करने की सलाह दी गई है।
टीबी रोगियों के पास रहने से बà¥à¤¤à¤¾ खतरा
डॉ. गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾ ने बताया कि टीबी पर काम करने वाले विशेषजà¥à¤ž इन नतीजों को लेकर अधिक चिंतित नहीं हैं। जिला कà¥à¤·à¤¯ रोग अधिकारी डॉ. लाेकेश गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾ ने बताया कि यह अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में तीन दिन दवा देने वाले कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के समय किया गया था। अब सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में सातों दिन दवाà¤à¤‚ दी जाती हैं। इससे इलाज पहले से बेहतर होता है और मरीज में डॉमरमेंट बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पहले से कम बचते होंगे। अगर इलाज के बाद मरीज दोबारा टीबी मरीजों के आसपास रहेगा, तो उसे दोबारा टीबी होने का खतरा बना रहेगा।
बीच में मरीज का इलाज छोड़ना गलत
डॉ. गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾ ने कहा- कई बार मरीज थोड़ा ठीक महसूस होने पर इलाज बीच में छोड़ देते हैं, इससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दोबारा टीबी हो जाती है। इसके अलावा घर में या पास-पड़ोस में टीबी के मरीजों की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से à¤à¥€ टीबी होने का खतरा रहता है। इसे जागरूकता के जरिठही दूर किया जा सकता है। सरकार इसे लेकर काम कर रही है।
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